7 सालों का इंतजार हुआ खत्म,निर्भया के दोषियों को आज 5:30 पर फांसी हुई।

निर्भया के दोषियों को तिहाड़ जेल में दिनांक 20 मार्च 20 को सुबह 5:30 पर फांसी हुई।

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दिल्ली : निर्भया रेप केस के दोषियों को फांसी से बचाने के लिए वकील एपी सिंह की ओर से कई हथकंडे अपनाए गए। चारों दोषियों को फांसी से बचाने के लिए एपी सिंह के द्वारा दिल्ली हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक का रुख अपनाया गया। लेकिन दोषियों को फांसी लगने से नहीं बचा पाते। तिहाड़ जेल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब चार दोषियों को एक साथ फांसी के फंदे पर लटकाया गया, इससे पहले 1982 में रंगा-बिल्ला को एक साथ फांसी दी गई थी।

निर्भया के चारों दोषियों विनय-मुकेश-पवन-अक्षय को फांसी देने के लिए तिहाड़ के फांसी घर के कुएं को चौड़ा किया गया था जिस जेल में ये चारों थे, उससे करीब 200 कदम की दूरी पर फांसी घर बना है जहां कड़ी सुरक्षा में उन्हें ले जाया गया और 5:30AM पर फांसी पर लटका दिया गया।

जहां पर फांसी दी गयी, वहां 500 गज के एरिए में एक कुआं बना है जिसकी गहराई 12 फीट है। फांसी के वक्तल जेल सुपरिडेंटेट, असिस्टेंट जेल सुपरिडेंटट, वार्डर औऱ तमिलनाडु पुलिस के जवान मौके पर मौजूद रहे। इसके अलावा मेडिकल अफसर, डीएण, एडीएम भी वहां रहे।

आज दिनांक 20 मार्च 2020 5:30 बजे सुबह का जो समय था निर्भया का न्याय का समय था। आखिर 7 साल बाद निर्भया को न्याय मिला। कितने लोगों को इस पल का इंतज़ार था जो आज खत्म हुआ।

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