लाॅकडाउन 3 मई तक बढ़ा, दूसरे राज्यों में फंसे लोगों को मिली निराशा, क्या कहा प्रधानमंत्री जी ने पढ़ें

लाॅकडाउन 3 मई तक बढ़ा, दूसरे राज्यों में फंसे लोगों को मिली निराशा, क्या कहा प्रधानमंत्री जी ने पढ़ें

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नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा देशभर में लागू 21 दिन के लॉकडाउन का आज अंतिम दिन था लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर राष्ट्र के नाम संबोधित किया। कोरोना वायरस के बढ़ते हालात और लाॅकडाउन के फायदे को देखते हुए लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ाने का फैसला लिया है।

प्रधानमंत्री जी ने देश को संबोधित करते हुए कहा कि बाबा भीमराव अंबेडकर की जन्मदिवस पर अपनी सामूहिक संकल्प का प्रदर्शन यह सच्ची श्रद्धांजलि है। मैं सभी देशवासियों की तरफ से बाबा साहब को नमन करता हूं। मैं नए वर्ष पर आपके और आपके परिवारजन के उत्तम स्वास्थ्य की मंगलकामना करता हूं।

 पीएम मोदी ने कहा, ”नमस्ते मेरे प्यारे देशवासियों, कोरोना वैश्विक महामारी के खिलाफ भारत की लड़़ाई बहुत ही मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है। आप सभी देशवासियों की तपस्या, आपकी त्याग की वजह से कोरोना से होने वाले नुकसान को काफी हद तक सफल रहा है। आप लोगों ने कष्ट सहकर भी अपने देश को बचाया है। हमारे इस भारतवर्ष को बचाया है। मैं जानता हूं आपको कितनी दिक्कतें आई हैं, किसी को खाने की परेशानी, किसी को आने जाने की परेशानी, कोई घर परिवार से दूर है, लेकिन आप देश के खातिर एक अनुशासित सिपाही की तरह अपने कर्तव्य निभा रहे हैं। मैं आप सबको आदर पूर्वक नमन करता हूं।

प्रधानमंत्री ने कहा, ”साथियों, सारे सुझावों को ध्यान में रखते हुए ये तय किया गया है कि भारत में लॉकडाउन को अब 3 मई तक और बढ़ाना पड़ेगा। यानि 3 मई तक हर देशवासी को लॉकडाउन में ही रहना होगा। इस दौरान हमें अनुशासन का उसी तरह पालन करना है, जैसे हम करते आ रहे हैं। मेरी सभी देशवासियों से ये प्रार्थना है कि अब कोरोना को हमें किसी भी कीमत पर नए क्षेत्रों में फैलने नहीं देना है। स्थानीय स्तर पर अब एक भी मरीज बढ़ता है तो ये हमारे लिए चिंता का विषय होना चाहिए। इसलिए हमें Hotspots को लेकर बहुत ज्यादा सतर्कता बरतनी होगी। जिन स्थानों के Hotspot में बदलने की आशंका है उस पर भी हमें कड़ी नजर रखनी होगी। नए Hotspots का बनना, हमारे परिश्रम और हमारी तपस्या को और चुनौती देगा।

उन्होंने कहा सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन का भारत को बहुत बड़ा लाभ देश को मिला है। अगर सिर्फ आर्थिक दृष्टि से देखें तो बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ी है। लेकिन लोगों की जान की कीमत बहुत है। 24 घंटे हर किसी ने अपना जिम्मा संभालने के लिए लोग आगे आए हैं। विश्वभर में हेल्थ एक्सपर्ट और सरकारों को और ज्यादा सतर्क कर दिया है। भारत में भी अब लड़ाई कैसे आगे बढ़ें और हम विजयी कैसे हो। हमारे यहां नुकसान कैसे कम हो और लोगों की दिक्कतें कैसे कम हो। इसे लेकर सभी राज्यों के सरकारों और नागरिकों की मानें तो लॉकडाउन को बढ़ाने का सुझाव है।

पुरे संम्बोधन में प्रधानमंत्री जी ने दुसरे राज्यों में फंसे लोगों के बारे में कुछ नहीं बोला। कुछ लोग इन आशाओं में जी रहे थे कि 14 अप्रैल के बाद शायद लाॅकडाउन कुछ दिनों के लिए खुलेगा और हम अपने घर पहुंच जायेंगे लेकिन उनके आशाओं पर पानी फेर दिया प्रधानमंत्री जी ने और 3 मई लाॅकडाउन बढ़ाने का फैसला लिया। दूसरे राज्यों में फंसे लोगों के लिए सरकार को कुछ व्यवस्था करना चाहिए था जिससे उनको खाने पीने की कोई दिक्कत ना हो।

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