Home News अनिल राजभर को मिला नकली राजभर होने का सर्टिफिकेट

अनिल राजभर को मिला नकली राजभर होने का सर्टिफिकेट

ओमप्रकाश राजभर ने पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री अनिल राजभर को नकली राजभर बताते हुए नक्कालों से सावधान रहने का नारा दे दिया।

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सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने वर्तमान कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर को सदन में नकली राजभर होने का सर्टिफिकेट दे दिया। कहा तुम नकली राजभर हो तुम्हारी हिम्मत नहीं कि दिव्यांगों की पेंशन वृद्धि की बात तुम सरकार से कर सको।
दिव्यांगजन की पेंशन में वृद्धि का मुद्दा बृहस्पतिवार को विधानसभा में सपा के हाजी इरफान सोलंकी ने उठाया। सोलंकी ने कहा कि दिल्ली में दिव्यांगजनों को 2500 रुपये महीने पेंशन दी जाती है। प्रदेश के दिव्यांगजनों को भी 2500 रुपये महीने पेंशन दी जाए। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री अनिल राजभर को नकली राजभर बताते हुए नक्कालों से सावधान रहने का नारा दे दिया। वहीं अनिल राजभर ने भी ओमप्रकाश पर राजनीति का व्यापार कर गरीबों को धोखा देने का आरोप लगाया।
ओमप्रकाश राजभर ने कहा मुझे यह देखकर हंसी आ रही है कि दो दिन से सदन में सभी विधायक अपना वेतन, पेंशन, भत्ता और विधायक निधि बढ़ाने की बात कर रहे हैं। लेकिन दिव्यांगजन की बात कोई नहीं करता है दिव्यांगजन मंत्री अनिल राजभर नकली राजभर हैं, इनकी हिम्मत नहीं है कि ये मुख्यमंत्री के सामने पेंशन बढ़ाने की बात भी रख सकें। ओम प्रकाश ने कहा कि मुख्यमंत्री ने देवरिया और गोरखपुर में आयोजित दिव्यांगजनों के कार्यक्रम में हर लोकसभा क्षेत्र में 100-100 मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल देने का वादा किया था। लेकिन एक भी लोकसभा क्षेत्र में वितरण नहीं हुआ है। एक दो विधानसभा क्षेत्रों में केंद्र सरकार से मिले 25 हजार रुपये और 12-12 हजार रुपये विधायक एवं सांसद निधि से लेकर मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल वितरित की गई है।
मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि ओमप्रकाश राजभर की स्थिति भी उस चिड़िया की तरह है जो रात को पैर ऊपर करके सोती है। वह सोचती है कि यदि आकाश गिरेगा तो वह उसे अपने पैरों से रोक लेगी। उन्होंने कहा कि जनता सब समझ गई कि ओमप्रकाश पैसों की राजनीति करते हैं।
अनिल राजभर ने कहा कि 2007 से दिव्यांगजन को 300 रुपये महीने पेंशन देना शुरू किया गया था। दस वर्ष में किसी सरकार ने पेंशन में वृद्धि नहीं की। पहली बार योगी सरकार ने पेंशन की राशि को 300 से बढ़ाकर 500 रुपये महीने किया। ओमप्रकाश राजभर ने इसके जवाब में कहा कि मेरी कोशिश से पेंशन को 300 से बढ़ाकर 500 किया गया। अनिल राजभर ने पेंशन वृद्धि पर असहमति जताते हुए कहा कि दिल्ली में मात्र 90 हजार दिव्यांगजन को पेंशन की जाती है जबकि यूपी में दस लाख दिव्यांगजन को पेंशन दी जाती है। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली और उत्तराखंड के बाद सबसे अधिक पेंशन यूपी में ही दी जा रही है।

अनिल राजभर ने कहा कि 29 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कानपुर में दिव्यागंजन लिए आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। उस दिन 26 हजार दिव्यांगजनों को उपकरण बांटे जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार शिविर लगाकर दिव्यांगजनों को चिह्नित कर रही है।
नकली असली राजभर को लेकर सोसल मीडिया पर पोस्ट शेयर किये जा रहे हैं जिसमें अनिल राजभर को नकली राजभर और ओमप्रकाश राजभर को असली राजभर दिखाया जा रहा है बता दें इससे पहले भी राजभर समाज द्वारा अनिल राजभर का विरोध किया जा चुका है क्योंकि इन्होंने महाराजा सुहेलदेव राजभर को सिंह बताने वाले अजय देवगन का समर्थन किया था जिसमें गृह मंत्री अमित शाह से लेटर के माध्यम से अनिल राजभर को मंत्री पद से बर्खास्त करने की मांग की गई थी।

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